Siddaramaiah vs DKS: कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर तनाव लगातार बढ़ रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस विवाद का हल निकालने के लिए फिर दबाव डाला है। उन्होंने कहा कि सत्ता साझा करने का वादा उनकी मौजूदगी में किया गया था। उनका कहना है कि इस वादे का सम्मान नहीं हुआ तो वह अपने राज्य में भरोसा खो देंगे। इसी वजह से वह इस मुद्दे को जल्द सुलझाने की मांग कर रहे हैं।
खरगे इससे पहले भी कह चुके हैं कि यह विवाद दिसंबर की शुरुआत में ही खत्म हो जाएगा। लेकिन अभी तक कोई समाधान सामने नहीं आया है। सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार की ब्रेकफास्ट बैठक हुई है। इस मीटिंग में कोई बड़ा फैसला नहीं हो पाया है। दोनों नेता अब आगे की बातचीत के लिए समय ले रहे हैं।
सूत्रों का कहना है कि मंगलवार को फिर एक और ब्रेकफास्ट मीटिंग होगी। इस बार बैठक DKS के घर पर होगी। दोनों नेता फिर बदलाव को लेकर बातचीत करेंगे। इससे पहले शनिवार को मुख्यमंत्री के आवास पर मुलाकात हुई थी। इन बैठकों के बाद भी मामला आगे नहीं बढ़ सका है।
सूत्र बता रहे हैं कि डीके शिवकुमार को जल्द दिल्ली बुलाया जा सकता है। कोर लीडरशिप उनसे बातचीत कर उन्हें भरोसा दिलाएगी। कहा जा रहा है कि उन्हें सत्ता हस्तांतरण के आश्वासन की जरूरत है। कांग्रेस इस विवाद के दूरगामी असर को भी देख रही है। पार्टी राजस्थान वाले अनुभव को दोबारा नहीं दोहराना चाहती।
राहुल गांधी फिलहाल बदलाव के पक्ष में नहीं दिख रहे हैं। उनका मानना है कि मुख्यमंत्री बदलना सही समय नहीं है। मिड टर्म बदलाव पार्टी को नुकसान पहुंचा सकता है। इसी वजह से वह स्थिति को स्थिर रखना चाहते हैं। हालांकि पार्टी खेमों के बीच तनाव बना हुआ है। कर्नाटक की राजनीति एक बार फिर बड़े मोड़ पर खड़ी है।





















