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Wednesday, October 14, 2026
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रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का बड़ा बयान, सिंध भले ही आज पाकिस्तान का हिस्सा, लेकिन सीमाएं बदल सकती हैं…

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Highlight

  • रक्षामंत्री ने कहा कि सीमाएं बदल सकती हैं और सिंध दोबारा भारत में आ सकता है
  • आडवाणी की पीढ़ी ने सिंध के बंटवारे को कभी स्वीकार नहीं किया
  • सिंधु नदी को हिंदू ही नहीं, कई मुसलमान भी पवित्र मानते हैं
  • सभ्यतागत रूप से सिंध को भारत का हिस्सा बताया
  • पीओके पर कहा कि वहां के लोग खुद ही आजादी की मांग कर रहे हैं

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने एक कार्यक्रम में कहा कि आज भले ही सिंध भारत का हिस्सा नहीं है, लेकिन भविष्य में सीमाएं बदल सकती हैं। उन्होंने कहा कि कौन जाने कल यह इलाका फिर से भारत में शामिल हो जाए। सिंधु नदी के पास बसे सिंध प्रांत को 1947 के बंटवारे के बाद पाकिस्तान में शामिल कर दिया गया था। बड़ी संख्या में सिंधी परिवार भारत आकर बस गए थे।

राजनाथ सिंह ने कहा कि सिंधी हिंदुओं ने कभी सिंध के भारत से अलग होने को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने बताया कि लालकृष्ण आडवाणी की पीढ़ी के लोग आज भी इसे अपने मन से अलग नहीं कर पाए हैं। आडवाणी ने अपनी किताब में इस दर्द का जिक्र किया है। सिंह ने कहा कि पूरी दुनिया में रहने वाले हिंदू सिंधु नदी को पवित्र मानते हैं। यहां तक कि सिंध के कई मुसलमान भी मानते हैं कि सिंधु का पानी मक्का के आब-ए-जमजम से कम नहीं है।

उन्होंने कहा कि सभ्यता के स्तर पर सिंध हमेशा भारत का हिस्सा रहेगा। सीमाएं समय के साथ बदल सकती हैं। उन्होंने कहा कि सिंध के लोग चाहे जहां भी रहें, वे हमारे ही रहेंगे।

कार्यक्रम में राजनाथ सिंह ने एक बार फिर पीओके पर भी अपनी राय दोहराई। उन्होंने कहा कि भारत आक्रामक कदम उठाए बिना भी पीओके वापस पा सकता है। उनके अनुसार वहां के लोग खुद ही आजादी की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पीओके एक दिन अपने आप भारत में शामिल हो जाएगा, क्योंकि वहां का माहौल बदल रहा है और लोग आवाज उठा रहे हैं।

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