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Thursday, January 15, 2026
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आर्कटिक का अनोखा द्वीप जहां दो महीने तक रात होती ही नहीं, समय खो देता है अपना अर्थ

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संतोष सुमन। दुनिया में हर जगह लोग घड़ी की सुई देखकर दिनचर्या तय करते हैं लेकिन धरती पर एक ऐसी जगह भी है जहां समय लगभग अप्रासंगिक हो जाता है। यह अनोखा स्थान है नॉर्वे का सोम्मारॉय द्वीप जो आर्कटिक सर्कल के ठीक उत्तर में स्थित है। यह छोटा सा द्वीप अपनी विचित्र प्राकृतिक परिस्थितियों और अनोखी जीवनशैली के कारण पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां करीब तीन सौ लोग रहते हैं और सबकी जीवनशैली पूरी तरह प्रकृति के साथ तालमेल में चलती है।

सोम्मारॉय में साल का वह मौसम आता है जब समय का अस्तित्व लगभग खत्म हो जाता है। यहां बीस मई से अठारह जुलाई तक लगातार दिन का उजाला रहता है। सूरज डूबता ही नहीं और मिडनाइट सन करीब उनहत्तर दिनों तक क्षितिज के ऊपर बना रहता है। यानी चाहे आधी रात हो या सुबह कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि हर समय सूरज आसमान में चमकता हुआ दिखता है। इस कारण यहां का पूरा सामाजिक और कामकाजी ढांचा सामान्य दुनिया से बिल्कुल अलग है।

लोग बिना घड़ी के जीते हैं

सोम्मारॉय के स्थानीय लोग घड़ी या समय के हिसाब से जीवन नहीं जीते। यहां लोग नींद खाने पीने या काम की दिनचर्या घड़ी देखकर नहीं तय करते बल्कि अपने शरीर की जरूरत के अनुसार करते हैं। किसी को भूख लगी तो वह खाना खा लेता है किसी को नींद आई तो वह सो जाता है। यहां खेल प्रतियोगिताएं भी समय से बंधी नहीं होतीं। फुटबॉल मैच आधी रात दो बजे या तीन बजे शुरू हो जाना आम बात है।

मछली पकड़ने का काम इस द्वीप की सबसे बड़ी गतिविधि है और लोग जब भी जरूरत महसूस करते हैं नाव लेकर समुद्र की ओर निकल जाते हैं। यहां दुकानें भी नियमित समय पर नहीं खुलतीं। दुकान मालिक जब चाहे दुकान खोलते हैं और जब चाहें बंद कर देते हैं। उनका कहना है कि यहां समय का महत्व केवल आने वाले पर्यटकों के लिए है स्थानीय लोगों के लिए समय सिर्फ एक अवधारणा है जिसका उनके दैनिक जीवन से कोई सीधा संबंध नहीं।

द्वीप के लोगों का मानना है कि लोकप्रिय ‘नाइट और डे’ की अवधारणा यहां लागू नहीं होती इसलिए समय को बांधना या उसे कठोर नियमों में रखना उनकी प्रकृति और संस्कृति के विपरीत है। कई बार यहां आने वाले पर्यटक हैरान हो जाते हैं जब वे रात के दो बजे लोगों को बीच पर खेलते समुद्र में मछली पकड़ते या बाजार में खरीदारी करते देखते हैं।

यह अनोखी जीवनशैली दुनिया को यह दिखाती है कि प्रकृति के हिसाब से जीना भी एक सुंदर अनुभव हो सकता है। सोम्मारॉय इस बात का उदाहरण है कि मनुष्य किस तरह माहौल के मुताबिक अपना जीवन ढाल सकता है और बिना समय के दबाव के भी एक खुशहाल और सक्रिय जीवन जी सकता है।

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