Bihar Govt Formation: एनडीए ने बिहार विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। गठबंधन को 202 सीटें मिली हैं, जबकि विपक्षी महागठबंधन सिर्फ 35 सीटों तक सिमट गया है। नतीजों के बाद राज्य में नई सरकार के गठन की हलचल तेज हो गई है। बिहार की नई कैबिनेट में कौन शामिल होगा, किस दल को कितनी हिस्सेदारी मिलेगी—यह अब सबसे बड़ा सवाल बन गया है। सूत्रों के मुताबिक मंत्रालयों के बंटवारे पर गठबंधन दलों के बीच प्रारंभिक सहमति बन चुकी है, हालांकि अंतिम घोषणा से पहले इसमें बदलाव संभव है।
जेडीयू, बीजेपी और सहयोगियों को कितनी हिस्सेदारी?
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अलावा जेडीयू के 14+1 विधायक मंत्री बनाए जा सकते हैं। बीजेपी के 15 से 16 विधायकों के मंत्री बनने की संभावना जताई जा रही है। चिराग पासवान की लोजपा (आर) के तीन विधायक कैबिनेट में जगह पा सकते हैं। जीतन राम मांझी की हम और उपेंद्र कुशवाहा की रालोमो से एक-एक नेता मंत्री बन सकते हैं। चर्चा है कि कुशवाहा की पत्नी स्नेह लता देवी और मांझी के बेटे संतोष सुमन को मंत्री पद मिल सकता है।
डिप्टी सीएम का फॉर्मूला और स्पीकर पद
जानकारी के अनुसार नीतीश कुमार मुख्यमंत्री होंगे और बीजेपी से दो डिप्टी सीएम बनाए जा सकते हैं। लोजपा (आर) से भी एक डिप्टी सीएम बनने की संभावना है। बीजेपी के सम्राट चौधरी दोबारा डिप्टी सीएम बन सकते हैं, जबकि विजय सिन्हा का नाम इस पद से हट सकता है। विधानसभा स्पीकर का पद बीजेपी के पास जाएगा और विजय सिन्हा के फिर से स्पीकर बनने की चर्चा तेज है।
नई सरकार की हलचल के बीच चिराग पासवान लगातार सक्रिय हैं। लोजपा (आर) को इस बार 19 सीटों पर सफलता मिली है और चिराग ने शनिवार को सीएम निवास जाकर नीतीश कुमार से मुलाकात भी की।
बिहार में इस बार जेडीयू को 85, बीजेपी को 89, लोजपा (आर) को 19, हम को 5 और रालोमो को 4 सीटें मिली हैं। महागठबंधन में आरजेडी 25, कांग्रेस 6, माले 3 और सीपीआईएम के 1 उम्मीदवार ने जीत दर्ज की है। AIMIM ने फिर से पांच सीटों पर जीत हासिल की है जबकि बसपा को एक सीट मिली है।
विपक्ष का हाल और आगे की राजनीति
इस चुनाव में विपक्ष की हालत बेहद खराब रही। महागठबंधन अपना आधार बचाने में भी नाकाम दिखा। वहीं एनडीए के बड़े जनादेश ने नीतीश कुमार को आठवीं बार सत्ता की कुर्सी की ओर बढ़ा दिया है। अब नजर कैबिनेट की आधिकारिक घोषणा और शपथ ग्रहण समारोह पर है, जिसके बाद नई सरकार का पूरा स्वरूप सामने आ जाएगा।
डिस्क्लेमर – यह रिपोर्ट उपलब्ध सूत्रों और शुरुआती जानकारी पर आधारित है। अंतिम कैबिनेट सूची जारी होने पर बदलाव संभव है।

















