Bihar Chunav 2025: लोक आस्था का महापर्व छठ खत्म होते ही बिहार में लोकतंत्र का महाउत्सव शुरू हो गया। पहले चरण की वोटिंग में महिलाओं का उत्साह देखने लायक था। “पहले मतदान, फिर बाकी काम” का नारा इस बार हर गांव और मोहल्ले में गूंजता दिखा। सुबह की हल्की सुस्ती और चिलचिलाती धूप के बावजूद महिलाएं बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों पर पहुंचीं। कई जगहों पर बुजुर्ग महिलाओं और पहली बार वोट डालने वाली युवतियों का जोश भी नजर आया।
बक्सर में एक परिवार की तीन पीढ़ियों को एक साथ मतदान करते देख मतदाता उत्साहित हो उठे। अस्थावां के बिंद आदर्श मध्य विद्यालय में मुंद्रिका देवी नाम की परदादी अपने बेटे की दुकान बंद करवाकर चार पीढ़ियों के 18 सदस्यों के साथ वोट डालने पहुंचीं। भोजपुर के बड़हरा क्षेत्र में सुबह से ही मतदान केंद्रों पर महिलाओं की लंबी कतारें लगीं। वहीं, मुंगेर में सुबह 7 बजे से ही मतदाताओं की भीड़ उमड़ पड़ी। जमालपुर के अग्रहण पंचायत बूथ पर 104 वर्षीय बजरंगी सिंह और उनकी 95 वर्षीय पत्नी पार्वती देवी ने एक साथ मतदान किया।
अस्थावां, बिंद और सरमेरा के कई मतदान केंद्रों पर 80 से 100 साल तक के बुजुर्ग व्हीलचेयर या परिजनों के सहारे बूथों पर पहुंचे। हरनौत के बस्ती गांव में 96 वर्षीय सावित्री देवी ने जिला परिषद सदस्य श्रीकांत कुंडलिक खांडेकर की मदद से मतदान किया। दरौंदा की गृहिणी रामावती देवी ने बताया कि इस बार महिलाओं में पहले से ज्यादा जोश है। कई महिलाएं अपने घर का काम खत्म कर सीधे बूथ पहुंचीं।
सारण और बक्सर जिलों में दोपहर तक महिलाओं की कतारें पुरुषों से लंबी हो गईं। दल्लुपुर केंद्र पर 80 वर्षीय शांति देवी ने अपने बेटे और सुरक्षाकर्मी की मदद से मतदान किया। वहीं, गोपालगंज के बैकुंठपुर में दोपहर के बाद माहौल और जोशीला हो गया। महिलाओं ने चूल्हा-चौका निपटाने के बाद बड़ी संख्या में बूथों पर पहुंचकर मतदान किया। कई बूथों पर दृश्य ऐसा था मानो यह दिन महिलाओं के नाम हो।
पहले चरण के रिकॉर्ड मतदान के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मतदाताओं का धन्यवाद किया। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि बिहार की जनता ने भारत निर्वाचन आयोग पर पूरा विश्वास दिखाया है। आयोग पूरी पारदर्शिता और समर्पण के साथ काम कर रहा है और इस उत्साह ने लोकतंत्र को और मजबूत बनाया है।

















