कटनी जिले के कैमोर में हुई हत्या की घटना पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने इस घटना को दुखद बताते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। निर्देश के बाद पुलिस ने तेजी दिखाते हुए बुधवार सुबह दोनों आरोपियों को कजरवारा गांव से गिरफ्तार कर लिया। बताया गया कि गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों ने पुलिस पर गोली चलाई, जिसके बाद आत्मरक्षा में पुलिस की जवाबी फायरिंग में दोनों आरोपी घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए जबलपुर भेजा गया है।
घटना के बाद से डीआईजी अतुल सिंह, कलेक्टर आशीष तिवारी और एसपी अभिनय विश्वकर्मा विजयराघवगढ़ क्षेत्र में मौजूद रहे और हालात पर नजर बनाए रखी। मंगलवार को कैमोर निवासी नीलेश रजक की दो आरोपियों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई थी।
घटना के बाद लापरवाही को लेकर टीआई कैमोर अरविंद चौबे और पुलिस आरक्षक प्रेमशंकर पटेल को निलंबित कर लाइन अटैच कर दिया गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम बनाकर आरोपियों की तलाश शुरू की थी, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी संभव हो सकी।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर कटनी जिले के प्रभारी मंत्री उदय प्रताप सिंह भी कैमोर पहुंचे और उन्होंने मृतक नीलेश रजक के परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सरकार अपराध को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं करेगी और दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी।
घटना के बाद शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कैमोर और विजयराघवगढ़ क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। साथ ही दोनों स्थानों पर कार्यपालिक मजिस्ट्रेटों की तैनाती भी की गई है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को रोका जा सके।




















