बिहार की राजनीति में चुनावी माहौल तेज होता जा रहा है और इसी कड़ी में मुजफ्फरपुर में महागठबंधन की संयुक्त रैली आयोजित की गई। इस रैली में राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने संयुक्त रूप से जनसभा को संबोधित किया। रैली में भारी संख्या में भीड़ उमड़ने के बाद महागठबंधन नेताओं ने जनता को संबोधित करते हुए आगामी विधानसभा चुनाव में बदलाव की अपील की।
अपने भाषण में तेजस्वी यादव ने कानून-व्यवस्था और सुशासन के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि यदि महागठबंधन की सरकार बनती है तो अपराध और भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। तेजस्वी ने कहा कि चाहे अपराध करने वाला कोई अपना ही क्यों न हो, गलत काम की सजा निश्चित होगी। उन्होंने कहा, हमारी सरकार बनेगी तो तेजस्वी की परछाईं भी यदि कोई गलती करेगी, तब भी उसे सजा मिलेगी। यह संदेश देकर उन्होंने साफ किया कि अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी नीति समझौते वाली नहीं होगी।
अब बदलाव का समय है- तेजस्वी
तेजस्वी यादव ने जनता से महागठबंधन के प्रत्याशियों को समर्थन देने की अपील की। उन्होंने कहा कि बिहार में पिछले 20 वर्षों से शासन तो है, लेकिन विकास दिखाई नहीं देता। जनता को आज भी रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
उन्होंने दावा किया कि अब बदलाव का समय है और नई सोच के साथ नई सरकार बनाने की जरूरत है। तेजस्वी ने वादा किया कि उनकी सरकार बनने पर हर परिवार से एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी, ताकि बेरोजगारी की समस्या को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि हम जो कहते हैं, उसे पूरा करते हैं। अगर मौका मिला तो हम बिहार के हर घर में नौकरी, सम्मान और सुरक्षा पहुंचाएंगे।
इसी सभा में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी एनडीए सरकार पर सीधा हमला बोला। राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी सामाजिक न्याय की विचारधारा के खिलाफ काम कर रहे हैं। राहुल ने नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली वर्तमान सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि 20 साल के लंबे कार्यकाल में न तो शिक्षा व्यवस्था सुधरी, न स्वास्थ्य प्रणाली मजबूत हुई और न ही रोजगार के अवसर बढ़े। उन्होंने कहा कि बिहार का युवा आज भी रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर पलायन करने को मजबूर है।
राहुल गांधी ने कहा कि महागठबंधन की मंशा एक ऐसा बिहार बनाने की है जहां शिक्षा और स्वास्थ्य का अधिकार मजबूत हो, उद्योग और रोजगार के अवसर बढ़ें और जहां बिहार का युवा दूसरे राज्यों में जाने के बजाय अपने ही राज्य में अपने सपनों को पूरा कर सके। उन्होंने कहा कि हम ऐसा बिहार चाहते हैं जहां लोग भविष्य देखते हों, न कि मजबूरी।





















