सहरसा के सलखुआ उच्च विद्यालय मैदान में आयोजित विशाल जनसभा में राजद नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने चुनावी शंखनाद किया। मंच पर आते ही भीड़ ने “तेजस्वी जिंदाबाद” के नारों से स्वागत किया। अपने भाषण की शुरुआत में ही तेजस्वी ने जनता को भरोसा दिलाया कि अगर उनकी सरकार बनी तो बिहार को नए दिशा में ले जाया जाएगा।
तेजस्वी ने कहा कि बीते बीस सालों में नीतीश कुमार ने कई योजनाएं शुरू कीं, लेकिन पलायन आज भी नहीं रुका। उन्होंने कहा कि “मेरी उम्र भले ही कच्ची है, लेकिन जुबान पक्की है। हमारा सपना भ्रष्टाचार-मुक्त बिहार का है। हम सिर्फ बात नहीं करेंगे, काम करके दिखाएंगे।”
बीजेपी पर हमला बोलते हुए तेजस्वी ने कहा कि एनडीए ने अब तक यह भी तय नहीं किया है कि उनका मुख्यमंत्री कौन होगा। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, “अमित शाह खुद कह चुके हैं कि चुनाव के बाद सीएम तय करेंगे। इसका मतलब साफ है कि नीतीश जी अब मुख्यमंत्री नहीं बनने वाले।”
तेजस्वी ने इस दौरान वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी को उपमुख्यमंत्री बनाने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि बिहार को बाहरी ताकतों के भरोसे नहीं छोड़ा जाएगा। “बिहार को बिहारी ही चलाएगा, कोई बाहरी नहीं। हम बिहारी डरने वाले नहीं हैं,” उन्होंने मंच से गर्जना की।
दिलचस्प बात यह रही कि इस पूरे भाषण में तेजस्वी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सीधा हमला नहीं किया। उन्होंने कहा, “हमारे चाचा नीतीश कुमार को भाजपा ने हाइजैक कर लिया है। उनके साथ नाइंसाफी हो रही है।” उनके इस बयान से राजनीतिक गलियारों में नई हलचल मच गई है।
सभा में वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी, इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आईपी गुप्ता, राजद नेता चौधरी महबूब अली केसर, युसूफ सलाहउद्दीन, सरिता पासवान और गौतम कृष्ण जैसे कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। लोगों की भीड़ और उत्साह से यह साफ झलक रहा था कि बिहार की सियासत में तेजस्वी की पकड़ और प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।
तेजस्वी के इस भाषण को राजद कार्यकर्ताओं ने “नई शुरुआत” बताया है। कई स्थानीय नेताओं का मानना है कि यह चुनाव तेजस्वी के लिए अग्निपरीक्षा होगी, लेकिन उन्होंने जिस आत्मविश्वास के साथ बीजेपी और एनडीए पर निशाना साधा है, वह आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति का रुख तय कर सकता है।





















