बिहार विधानसभा चुनाव 2025 अपने निर्णायक दौर में पहुंच चुका है। दो चरणों में होने वाले इस चुनाव का पहला चरण पूरी तरह तय हो गया है। चुनाव आयोग के अनुसार, पहले चरण में कुल 121 विधानसभा सीटों पर 1314 उम्मीदवार मैदान में हैं। वहीं दूसरे चरण के लिए नामांकन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब उम्मीदवारों के पास 23 अक्टूबर तक नाम वापस लेने का वक्त है।
महागठबंधन में बढ़ी अंदरूनी जंग
हालांकि सीट बंटवारे का फॉर्मूला तय हो गया है, लेकिन महागठबंधन के भीतर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। 243 सीटों वाली विधानसभा के लिए गठबंधन ने कुल 252 उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं, जिससे साफ है कि 9 सीटों पर आपसी मुकाबला होगा। इन सीटों पर आरजेडी, कांग्रेस और वाम दलों के बीच सीधी टक्कर है, जबकि एनडीए प्रत्याशी भी मैदान में हैं।
पहले चरण के चुनाव में कई सीटों पर पुराने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी आमने-सामने हैं, तो कई जगह नए उम्मीदवारों ने भी चुनौती पेश की है। इस चरण में 61 उम्मीदवारों ने नाम वापस लिए जबकि 300 से अधिक नामांकन रद्द हुए। अब 1314 उम्मीदवार मैदान में अपनी किस्मत आजमाने को तैयार हैं।
एनडीए को लेकर चिराग पासवान का दावा
मखदुमपुर में लोजपा (आर) प्रत्याशी रानी कुमारी के समर्थन में आयोजित सभा में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि बिहार में एनडीए की सरकार बनना तय है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे एनडीए प्रत्याशियों को भारी मतों से जीताएं।
दशरथ मांझी के बेटे को टिकट नहीं
कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा कुछ समय पहले ‘माउंटेन मैन’ दशरथ मांझी के घर जाकर मुलाकात करने के बावजूद उनके बेटे भागीरथ मांझी को टिकट नहीं मिला। उनके दामाद मिथुन मांझी ने कहा कि चुनाव के वक्त राजनीतिक दल महादलितों को याद करते हैं, लेकिन जीतने के बाद भूल जाते हैं।
दिलीप जायसवाल ने राहुल गांधी पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता ‘जननायक’ शब्द का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह शब्द बिहार के भारत रत्न करपूरी ठाकुर से जुड़ा है और इसे किसी दूसरे नेता के साथ जोड़ना पिछड़े समाज का अपमान है।
एनडीए ने विपक्ष पर कसा तंज
उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि स्पेशल इंस्टीट्यूशनल रिजर्वेशन (SIR) का मुद्दा अब जनता के बीच अप्रासंगिक हो गया है। उन्होंने दावा किया कि जनता ने महागठबंधन को नकार दिया है और एनडीए की वापसी तय है।





















