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Madhya Pradesh Election Update: अब सहकारी समितियों और मंडियों में चुनाव की तैयारी, सीएम मोहन यादव ने दिए संकेत

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Madhya Pradesh Election Update: मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश में लंबे समय से लंबित पड़े सहकारी समितियों और कृषि उपज मंडियों के चुनाव कराने की तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को इसके लिए संकेत दे दिए हैं। प्रदेश में साल 2017 से 259 कृषि उपज मंडियों और 2018 से प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के चुनाव नहीं हुए हैं।

बता दें कि इन समितियों से लाखों किसान जुड़े हुए हैं जो लंबे समय से नए प्रतिनिधियों के चुनाव का इंतजार कर रहे हैं। अब सरकार इन सभी समितियों में चुनाव कराने जा रही है।

सीएम ने दिए अधिकारियों को निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सहकारी समितियों, कृषि उपज मंडियों और नगरीय निकायों के चुनावों की तैयारी शुरू की जाए। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में परिसीमन (delimitation) और आरक्षण (reservation) की प्रक्रिया पूरी कर चरणबद्ध तरीके से सभी चुनाव कराए जाएंगे।

भले ही सहकारी समितियों और कृषि उपज मंडियों के चुनाव दलीय आधार पर नहीं होते, लेकिन इसमें राजनीतिक दलों की सक्रिय भूमिका होती है। पार्टियां अपने समर्थकों की जीत सुनिश्चित करने के लिए कई स्तर पर समीकरण बनाती हैं। इन समितियों का नेटवर्क विधानसभा और लोकसभा चुनावों के दौरान माहौल तैयार करने में भी बड़ी भूमिका निभाता है।

कार्यकर्ताओं में फिर लौटेगा उत्साह

लंबे समय से चुनाव न होने के कारण कार्यकर्ता निष्क्रिय हो गए थे। अब सरकार जब इन समितियों के चुनाव कराएगी तो इससे कार्यकर्ताओं में फिर से उत्साह लौटेगा और भाजपा संगठनात्मक स्तर पर अपनी ताकत का आकलन भी कर सकेगी।

सरकार का इरादा है कि नए साल से सभी लंबित चुनाव एक-एक कर पूरे किए जाएं। इससे न केवल राजनीतिक माहौल सक्रिय होगा बल्कि किसानों और समितियों के कामकाज में भी नई ऊर्जा आएगी।

निकाय और पंचायत चुनाव 2027 में

वर्ष 2027 में नगरीय निकाय और पंचायतों के चुनाव होंगे। इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने परिसीमन आयोग के गठन का प्रस्ताव सरकार को भेजा है। इसमें परिसीमन और आरक्षण से जुड़ा पूरा काम आयोग को सौंपा जाएगा।

सरकार को इसके लिए नगरीय निकाय और पंचायत राज अधिनियम में संशोधन करना होगा। इसके साथ ही, जनगणना पूरी होने के बाद विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रों का परिसीमन भी किया जाएगा। इससे कुछ सीटों का पुनर्गठन होगा और आरक्षण व्यवस्था में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।

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