Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में दूषित कफ सिरप पीने से दो और बच्चों की मौत हो गई है। इस घटना के बाद अब तक प्रदेश में मरने वाले बच्चों की कुल संख्या 19 हो चुकी है, जिसमें से 16 मौतें केवल छिंदवाड़ा जिले में हुई हैं। प्रशासन ने पुष्टि की है कि कफ सिरप पीने के बाद बच्चों में किडनी फेलियर (गुर्दे की विफलता) जैसी गंभीर समस्या सामने आई है।
छिंदवाड़ा के अपर कलेक्टर धीरेंद्र सिंह ने बताया कि मंगलवार को जिले में दो और बच्चियों की मौत की सूचना मिली है। मृतकों में दो वर्षीय जयुषा यदुवंशी और ढाई वर्षीय धनी देहरिया शामिल हैं। दोनों बच्चियां नागपुर के अस्पतालों में भर्ती थीं और पिछले कई दिनों से उनका इलाज चल रहा था।
दूषित सिरप से किडनी फेल, कई बच्चे गंभीर
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, बच्चों को स्थानीय डॉक्टरों द्वारा सर्दी-जुकाम और खांसी की दवा दी गई थी। दवा पीने के कुछ घंटों बाद ही उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और गुर्दे फेल होने के लक्षण दिखे। डॉक्टरों का कहना है कि इस सिरप में हानिकारक तत्व मिले होने की संभावना है। सिरप की जांच लैब में कराई जा रही है।
छिंदवाड़ा के साथ-साथ बैतूल जिले में भी दूषित सिरप पीने के कुछ मामले सामने आए हैं। फिलहाल नौ बच्चे नागपुर के अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें से सात छिंदवाड़ा और दो बैतूल के हैं। बताया जा रहा है कि इनमें पांच बच्चों की हालत गंभीर बनी हुई है।
सरकार उठाएगी इलाज का पूरा खर्च
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इन सभी बच्चों के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी प्रभावित परिवार पर इलाज का आर्थिक बोझ नहीं पड़ना चाहिए।
सरकार ने नागपुर के अस्पतालों में कार्यपालक दंडाधिकारी और वरिष्ठ चिकित्सकों की एक संयुक्त टीम तैनात की है, जो हर मरीज की स्थिति की निगरानी कर रही है। स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित दवा कंपनी के खिलाफ जांच के आदेश दे दिए हैं और नमूनों को परीक्षण के लिए केंद्रीय प्रयोगशाला भेजा गया है।




















