मध्य प्रदेश के खंडवा जिले से एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। यहां नर्मदा जल आपूर्ति की पाइपलाइन बार-बार फूटने से परेशान नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस पार्षद दीपक मुल्लू राठौड़ ने अनोखा कदम उठाया है। उन्होंने इस पाइपलाइन का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने की कोशिश शुरू की और खास बात यह है कि उनका आवेदन गिनीज बुक ने स्वीकार भी कर लिया है।
106 करोड़ की पाइपलाइन, 450 बार फूटी
दीपक राठौड़ ने बताया कि खंडवा की यह पाइपलाइन 106 करोड़ रुपए की लागत से बिछाई गई थी। अब तक यह करीब 450 बार फूट चुकी है। उन्होंने कहा कि दुनिया में शायद ही कोई इतनी बड़ी परियोजना इतनी बुरी तरह से फेल हुई हो। उन्होंने इसे भ्रष्टाचार का जीता-जागता उदाहरण बताया।
गिनीज बुक ने मांगे सबूत
कांग्रेस पार्षद ने दावा किया कि गिनीज बुक ने उनके आवेदन को स्वीकार कर लिया है और अब उनसे प्रमाणित दस्तावेज मांगे हैं। इनमें यह जानकारी देनी होगी कि पाइपलाइन कितनी बार फूटी और किस विभाग के अंतर्गत आती है। उन्होंने कलेक्टर से अनुरोध किया है कि नगर निगम कमिश्नर को प्रमाणित कॉपियां देने का आदेश दिया जाए।
जल संकट से परेशान लोग
खंडवा की ढाई लाख आबादी को पानी इसी पाइपलाइन से मिलता है। पाइपलाइन टूटने के कारण जब-जब आपूर्ति बंद होती है, लोगों को 48 घंटे तक जल संकट झेलना पड़ता है। इस वजह से स्थानीय लोगों को बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
अधिकारियों का कहना है कि पुरानी पाइपलाइन बार-बार फूटने की वजह से नई पाइपलाइन डाली जा रही है। काम लगभग पूरा हो चुका है और जल्द ही इससे जल आपूर्ति शुरू होने पर समस्या खत्म हो जाएगी।




















