8th Pay Commission: केंद्रीय विभाग के पेंशनभोगियों के बीच पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक खबर तेजी से वायरल हो रही है। इस खबर में दावा किया जा रहा था कि 8वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद महंगाई भत्ता यानी डीए और महंगाई राहत यानी डीआर जैसे लाभों को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा। इस तरह की अफवाहों ने लाखों सेवानिवृत्त कर्मचारियों की चिंता बढ़ा दी थी क्योंकि उनके भविष्य की आर्थिक सुरक्षा इसी पेंशन और भत्तों पर टिकी होती है।
इन खबरों को देखते हुए पीआईबी फैक्ट चेक ने इसकी बारीकी से जांच की और इन दावों को पूरी तरह बेबुनियाद करार दिया। आधिकारिक स्पष्टीकरण में कहा गया है कि सरकार का ऐसा कोई इरादा नहीं है और न ही किसी भी नियम में ऐसा कोई बदलाव किया गया है जिससे सामान्य पेंशनभोगियों के अधिकारों पर कोई असर पड़े। सरकार ने साफ किया है कि सोशल मीडिया पर जो दावे किए जा रहे हैं वे पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक हैं।
फैलाई जा रही खबर महज अफवाह
पेंशन नियमों में बदलाव को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों के पीछे असल में सीसीएस पेंशन नियम 2021 के नियम 37 में हुआ एक छोटा सा संशोधन है। यह संशोधन केवल उन मामलों के लिए है जहाँ किसी कर्मचारी को गंभीर कदाचार या भ्रष्टाचार के कारण पीएसयू से बर्खास्त किया गया हो। इस नियम का सामान्य और ईमानदारी से सेवा पूरी करने वाले किसी भी पेंशनभोगी से कोई लेना-देना नहीं है और उनके सभी लाभ पहले की तरह ही सुरक्षित रहेंगे।
वित्त मंत्रालय ने भी संसद के भीतर इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि 8वां वेतन आयोग अपनी सिफारिशों में वेतन के साथ-साथ भत्तों और पेंशन के ढांचे पर भी विचार करेगा। वर्तमान में सरकार के पास महंगाई भत्ते को मूल वेतन में मर्ज करने का भी कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। इसलिए कर्मचारियों को सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी अपुष्ट जानकारी पर भरोसा करने की आवश्यकता नहीं है।
कुल मिलाकर पेंशनभोगियों और केंद्रीय कर्मचारियों के लिए स्थिति बिल्कुल सामान्य है। 8वें वेतन आयोग के दायरे में पेंशन और रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले सभी लाभ शामिल रहेंगे। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी खबर को साझा करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि जरूर कर लें।

















