समाज के विकास के लिए कोई भी कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा जनजाति समाज की गतिविधियों के लिए जमीन और धर्मशाला के लिए पाँच करोड़ रुपये दिए जाने की घोषणा
इंदौर, 27 अक्टूबर 2024
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनजाति समाज के क्रांतिकारियों का देश के अस्तित्व की रक्षा में अहम योगदान रहा है। समाज के क्रांतिकारियों और महापुरूषों के व्यक्तित्व और कृतित्व को समाज में स्थापित किया जा रहा है। क्रांतिकारी टंट्या मामा की स्मृति में प्रदेश के इंदौर संभाग में विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। इस समाज का गौरवशाली इतिहास है। इस समाज के विकास के लिए कोई भी कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी। इन्हें हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए पूरे मदद दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा करते हुए कहा कि इंदौर में जनजाति समाज की गतिविधियों के लिए जमीन उपलब्ध कराई जाएगी और निर्मित की जा रही धर्मशाला के लिए 5 करोड रुपए दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज यहां जय ऊँकार आदिवासी भिलाला समाज संगठन द्वारा आयोजित भिलाला समाज समागम एवं युवक-युवती परिचय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर, प्रदेश के जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान, सासंद श्री गजेंद्र सिंह पटेल तथा श्रीमती अनिता चौहान, विधायक श्री रमेश मेंदोला, श्री गोलू शुक्ला, श्री कालू सिंह ठाकुर, श्री राजन मंडलोई, सुश्री मंजू दादू, पूर्व मंत्री श्रीमती रंजना बघेल, जय ऊँकार आदिवासी भिलाला समाज संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष श्री बी. एस. जामोद सहित समाज के पदाधिकारी और अन्य जनप्रतिनिधिगण विशेष रूप से मौजूद थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ईमानदारी, कर्मठता, लगनशीलता एवं परिश्रम जनजाति समाज की विशेष पहचान है। इन्होंने इस पहचान से समाज में अपना अलग स्थान बनाया है। उन्होंने कहा कि जनजाति समाज ने अपनी सांस्कृतिक विरासत एवं परंपराओं को सहज के रखा है। इस समाज ने जो प्राप्त है उसी को पर्याप्त मानकर आनंद से जीवन जीने की शैली अपनायी है। यह समाज कृषि एवं पशुपालन पर आधारित है। भोलापन भी इस समाज की विशेष पहचान रही है। उन्होंने कहा कि वे इस भोलापन को कमजोरी नहीं बनने दें और किसी भी दुष्चोक्र में नहीं आये। कुरीतियों से दूर रहें। अपनी सांस्कृतिक विरासत और परम्परा को सहज कर रखें। बदलते दौर में इन्हें सुरक्षित जरूर रखें। जो समाज अपनी विरासत, परम्परा और संस्कृंति से दूर होता है, वह कमजोर बन जाता है। जड़ों से जुड़े रहें, एक दूसरे को साथ लेकर आगे बढें। आगे बढ़ने के लिए राज्य शासन द्वारा उन्हें हर संभव मदद दी जायेगी। उन्होंने कहा कि जनजाति समाज के विकास के लिए बजट में बढ़ोतरी की गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में इस समाज के समग्र विकास के लिए कारगर प्रयास किए जा रहे है। हाल ही में इंदौर-मनमाड़ रेल परियोजना स्वीकृत की गई है। यह परियोजना मालवा-निमाड़ क्षेत्र के चहुमुखी विकास में बड़ी मददगार होगी। परियोजना जिन्दगी बदलने का माध्यम भी बनेगी। इस परियोजना से विकास को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में बदला जाएगा। सिकलसेल जैसी घातक बीमारी से समाज को मुक्त करने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे है। समाज के शैक्षणिक और आर्थिक विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए अनेक योजनाएं और कार्यक्रम संचालित किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि समाज के लोग आगे आए और इन योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ लेंवे। छात्रावासों की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे है। मैं स्वयं भी छात्रावासों का दौरा कर व्यवस्थाओं को देखूगा। उन्होंने समाज के क्रांतिकारियों और महापुरूषों का जिक्र करते हुए कहा कि समाज में इनके कार्यों को जन-जन तक पहुंचाया जायेगा। आगामी 15 नवम्बर को बिरसा मुण्डा जंयती पर धार में विशाल कार्यक्रम आयोजित होगा। डॉ. यादव ने कहा कि पूरे प्रदेश में दीपावली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा पूरी आस्था एवं हर्षोंल्लास से की जायेगी। उन्होंने कहा कि इंदौर में जनजाति समाज की गतिविधियों के लिए जमीन उपलब्ध कराई जाएगी और निर्मित की जा रही धर्मशाला के लिए 5 करोड रुपए दिए जाएंगे।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाज के प्रतिभावान बच्चों का सम्मान भी किया। मुख्यमंत्री जी का स्वागत समाज की परंपरा के अनुरूप किया गया। उन्हें समाज के प्रतीक चिन्ह भी भेंट किए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थानीय स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए कार्यक्रम स्थल पर लगे स्टाल से स्थानीय स्वरोजगारी युवा से स्वेटर भी खरीदा।
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने कहा कि अनुसूचित जनजाति के कल्याण के लिए राज्य सरकार कटिबद्ध है। इस समाज के विकास एवं कल्याण के साथ ही समाज की संस्कृति एवं परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए भी लगातार कार्य किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री नागर सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार के प्रयासों से अनुसूचित जनजाति के लोग तेजी से हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं। समाज को नशा मुक्त किए जाने की जरूरत है। समाज में व्याप्त अन्य को कुरीतियों को भी दूर किया जाएगा। उन्होंने आव्हान किया कि समाज के लोग आगे आये, जागरूक बने और शासन की योजनाओं का लाभ लेकर तेजी से आगे बढ़े।
सांसद श्री गजेंद्र सिंह पटेल ने कहा कि जनजाति समुदाय की कुरीतियों को दूर करने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म के संरक्षण एवं संवर्धन में जनजाति समुदाय का बड़ा योगदान है। कार्यक्रम के प्रारंभ में जय ऊँकार आदिवासी भिलाला समाज संगठन के अध्यक्ष श्री बी.एस. जामोद ने स्वागत भाषण देते हुए आयोजन के बारे में जानकारी दी।
जनजाति समाज के क्रांतिकारियों का देश के अस्तित्व की रक्षा में अहम योगदान
Sign in
Welcome! Log into your account
Forgot your password? Get help
Create an accountPrivacy Policy
Create an account
Welcome! Register for an account
A password will be e-mailed to you.
Privacy Policy
Password recovery
Recover your password
A password will be e-mailed to you.














