वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को और बेहतर और सुरक्षित बनाने के लिए रेलवे बोर्ड ने नई गाइडलाइन पर काम तेज कर दिया है. मुख्य रेलवे सुरक्षा आयुक्त की रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण सुझाव शामिल किए गए हैं, जिनका उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा के साथ यात्रा अनुभव को भी बेहतर बनाना है. रेलवे ने रिसर्च डिज़ाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन (RDSO) को इन बदलावों की तकनीकी जांच और मानक तैयार करने के निर्देश दिए हैं.
Highlights
• रेलवे बोर्ड ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में सुरक्षा और आराम संबंधी बदलावों की प्रक्रिया तेज की।
• पैनिक बटन, वायरिंग और सीसीटीवी सिस्टम को और बेहतर बनाया जाएगा।
• 16 कोच वाली स्लीपर रेक अब 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेगी।
रिपोर्ट में कहा गया कि ट्रेन की वायरिंग, पैनिक बटन, सीसीटीवी सिस्टम, अग्निरोधी सुरक्षा और आपातकालीन सिस्टम को और मजबूत किया जाना चाहिए. खास तौर पर वंदे भारत स्लीपर जैसे हाई-स्पीड और लंबी दूरी की यात्रा वाली ट्रेन में सुरक्षा मानक सर्वोच्च प्राथमिकता में रखे गए हैं.
नई सुरक्षा व्यवस्था
ट्रेन में उपयोग होने वाले केबल अब ऐसे होंगे जो आग से बचाव में अधिक सक्षम होंगे. सुरक्षा आयुक्त ने कहा कि सीसीटीवी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक मॉड्यूल के लिए विशेष प्रकार की फायर प्रूफ केबलिंग जरूरी है. इससे आग की किसी भी स्थिति में नुकसान और खतरा कम होगा. साथ ही, वायरिंग सिस्टम में ऐसा उपकरण लगाया जाएगा जो किसी भी प्रकार के फॉल्ट को तुरंत पकड़ ले.
आपातकालीन सुविधा और नेविगेशन
वर्तमान में आपातकालीन अलार्म बटन ऊपरी बर्थ के पीछे लगे होते हैं, जिन्हें ढूंढना यात्रियों के लिए मुश्किल होता है. नई व्यवस्था में इन्हें ऐसे स्थान पर लगाया जाएगा जिसे कोई भी यात्री तुरंत देख और दबा सके. इससे यात्रा के दौरान आपात स्थिति में प्रतिक्रिया और तेज होगी.
फर्स्ट AC कोच में एयर-कंडीशनिंग डक्ट की पोजीशन में सुधार किया जाएगा. अभी यह फर्श के किनारे चलती है, लेकिन नई व्यवस्था में इसे ऊपर की ओर शिफ्ट किया जाएगा, जिससे सफाई और एयर सर्कुलेशन दोनों बेहतर होगा.
रेलवे बोर्ड ने 16-कोच वाली वंदे भारत स्लीपर रेक को 160 किमी प्रति घंटे की गति से चलाने की अनुमति दे दी है. इससे यह ट्रेन न सिर्फ तेज यात्रा देगी, बल्कि यात्रियों को लंबी दूरी में और अधिक सुविधा भी मिलेगी.




















