मध्य प्रदेश में आबकारी कांस्टेबल ऑनलाइन भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ी के मामले में 12 उम्मीदवारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस को शक है कि परीक्षा के दौरान तकनीकी या बाहरी मदद से धोखाधड़ी की गई।
सिस्टम अलर्ट के जरिए यह सामने आया कि इन उम्मीदवारों ने 100 प्रश्नों वाला प्रश्नपत्र परीक्षा के आखिरी 15 मिनट में पूरा कर लिया। इससे पहले वे लगभग 30 मिनट तक सिर्फ स्क्रीन स्क्रॉल करते रहे और कोई उत्तर दर्ज नहीं किया।
सिस्टम डेटा से हुआ खुलासा
यह परीक्षा 243 पदों को भरने के लिए 9 सितंबर से 21 सितंबर 2025 के बीच आयोजित की गई थी। इसमें 1,10,032 उम्मीदवार शामिल हुए थे। परीक्षा का आयोजन मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड (एमपीईएसबी) ने किया था।
5 फरवरी को परिणाम घोषित किए गए। हालांकि, बोर्ड ने 12 उम्मीदवारों का रिजल्ट रोक लिया था। बाद में तकनीकी विश्लेषण में संदिग्ध पैटर्न सामने आने पर मामला दर्ज कराया गया।
एफआईआर के मुताबिक इन उम्मीदवारों ने परीक्षा के पहले 30 मिनट में कोई उत्तर दर्ज नहीं किया। इसके बाद अंतिम 15 मिनट में सभी 100 प्रश्नों के जवाब दिए। औसतन हर प्रश्न का उत्तर करीब 9 सेकंड में दिया गया।
उत्तर पुस्तिका मुहैया कराने की आशंका
एमपीईएसबी के प्रिंसिपल सिस्टम एनालिस्ट प्रणीत सिजारिया ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और सिस्टम डेटा की जांच के बाद यह आशंका जताई गई है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उम्मीदवारों को उत्तर उपलब्ध कराए।
शुरुआत में शिकायत भोपाल के एमपी नगर थाने में दर्ज की गई थी। बाद में मामला रतलाम स्थानांतरित कर दिया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत 12 उम्मीदवारों और एक अन्य आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
नकल गिरोह से जुड़ाव की जांच
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, जिस व्यक्ति पर मदद करने का संदेह है, वह इन उम्मीदवारों और कथित नकल गिरोह के बीच की कड़ी हो सकता है। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है।
अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा में गड़बड़ी पकड़ने के लिए पहली बार डेटा सिस्टम एनालिस्ट की मदद ली गई। तकनीकी विश्लेषण के जरिए संदिग्ध गतिविधि का पता लगाया गया।



















