मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को राज्य मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कृषि, शिक्षा, उद्योग, रोजगार और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई बड़े फैसलों पर मुहर लगी। खास बात यह रही कि यह बैठक पूरी तरह पेपरलेस ई-कैबिनेट के रूप में हुई, जिसमें मंत्रियों ने फाइलों की जगह टैबलेट का इस्तेमाल किया।
व्यापार मेले में वाहन खरीद पर बड़ी राहत
कैबिनेट ने ग्वालियर व्यापार मेला 2026 और उज्जैन विक्रमोत्सव व्यापार मेला 2026 के दौरान ऑटोमोबाइल खरीदने वालों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है। इन दोनों मेलों में वाहन खरीद पर मोटरयान कर (RTO टैक्स) में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे वाहन बिक्री को बढ़ावा मिलेगा और व्यापारिक गतिविधियां तेज होंगी।
तीन सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी, किसानों को फायदा
कैबिनेट ने प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए तीन बड़ी सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं से करीब 20 हजार किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
स्वीकृत परियोजनाएं:
- मोहनपुरा सिंचाई विस्तारीकरण परियोजना (राजगढ़, सारंगपुर तहसील)
- लागत: 396.21 करोड़ रुपये
- लाभ: 26 गांव, 11,040 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई
- सुल्तानपुर उद्वहन सिंचाई परियोजना (रायसेन)
- लागत: 115.99 करोड़ रुपये
- लाभ: 20 गांव, 5,700 हेक्टेयर भूमि
- बादना सिंचाई परियोजना (रायसेन)
- लागत: 386.22 करोड़ रुपये
- लाभ: 36 गांव, 15,000 हेक्टेयर भूमि
इन परियोजनाओं से खेती की उत्पादकता बढ़ने और किसानों की आय में सुधार की उम्मीद जताई गई है।
शिक्षकों को चौथी क्रमोन्नति की सौगात
राज्य कैबिनेट ने शैक्षणिक संवर्ग के शिक्षकों के लिए चतुर्थ क्रमोन्नति वेतनमान योजना लागू करने की स्वीकृति भी दी है।
यह निर्णय सहायक शिक्षक, शिक्षक, नवीन शैक्षणिक संवर्ग पर लागू होगा। इसके तहत समयमान वेतनमान दिया जाएगा। इस योजना पर लगभग 322.34 करोड़ रुपये का अनुमानित व्यय आएगा। उपमुख्यमंत्री ने इसे शिक्षकों के लिए राहतभरा फैसला बताया।
मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल ने सांदीपनि विद्यालय योजना के दूसरे चरण को मंजूरी देते हुए राज्य में 200 नए सर्व-सुविधायुक्त सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना का फैसला किया है। सरकार के अनुसार, प्रत्येक विद्यालय पर लगभग 17 से 18 करोड़ रुपये की लागत आएगी और इस पूरे चरण पर करीब 3660 करोड़ रुपये का कुल व्यय अनुमानित है।
इसका उद्देश्य प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा का विस्तार करना है। उल्लेखनीय है कि योजना के पहले चरण में राज्यभर में 275 सांदीपनि विद्यालय पहले ही स्थापित किए जा चुके हैं और अब दूसरे चरण के माध्यम से शिक्षा ढांचे को और मजबूत किया जाएगा।
मध्य प्रदेश स्पेस टेक नीति 2026 को मंजूरी
कैबिनेट ने इसके साथ ही मध्य प्रदेश स्पेस टेक नीति 2026 को भी हरी झंडी दे दी है। सरकार का कहना है कि इस नीति के जरिए प्रदेश में अंतरिक्ष तकनीक से जुड़े निवेश को आकर्षित किया जाएगा और स्टार्टअप्स, अनुसंधान संस्थानों तथा निजी क्षेत्र को नई संभावनाएं मिलेंगी।
अनुमान है कि इस नीति के प्रभाव से प्रदेश में करीब 8,000 नए रोजगार सृजित हो सकते हैं। इसे मध्य प्रदेश को एक उभरते हुए स्पेस टेक हब के रूप में विकसित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
सिंहस्थ 2028 की व्यापक तैयारियों को ध्यान में रखते हुए मंत्रिमंडल ने उज्जैन संभाग की जल आवर्धन योजना के लिए 1133.67 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी प्रदान की है। इस योजना का उद्देश्य सिंहस्थ महापर्व के दौरान श्रद्धालुओं और शहरवासियों के लिए पर्याप्त और निर्बाध जल आपूर्ति सुनिश्चित करना है, ताकि आयोजन के समय किसी प्रकार की जल संकट की स्थिति न बने।
इसके अलावा, कैबिनेट ने ड्यूटी के दौरान शहीद हुए सहायक उपनिरीक्षक (ASI) रामचरण गौतम के परिजनों को 1 करोड़ रुपये की श्रद्धा निधि देने का निर्णय लिया है। सरकार की ओर से बताया गया कि इसमें से 10 लाख रुपये पहले ही परिजनों को दिए जा चुके हैं, जबकि शेष राशि अब जारी की जाएगी।


















