मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने खजुराहो में हुई कैबिनेट बैठक में कई बड़े निर्णय लिए। इनमें सबसे प्रमुख सागर से दमोह के बीच 76 किलोमीटर लंबे फोरलेन मार्ग के निर्माण के लिए 2059 करोड़ रुपये की स्वीकृति है। इसके अलावा कैबिनेट ने अन्य पिछड़ा वर्ग के 600 युवाओं को रोजगार के लिए सोशल इम्पैक्ट बॉन्ड के माध्यम से जापान और जर्मनी भेजने की योजना को भी हरी झंडी दी।
प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए 11 जिलों की 12 स्वास्थ्य संस्थाओं के उन्नयन को मंजूरी मिली। नीमच के भादवामाता उप स्वास्थ्य केंद्र को 30 बिस्तर वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बदला जाएगा। शाजापुर के मक्सी में 50 बिस्तर का अस्पताल बनेगा। इन योजनाओं के लिए 348 पदों के सृजन को भी स्वीकृति दी गई।
हर कॉलेज में 330 नियमित पद होंगे सृजित
दमोह, छतरपुर और बुधनी में नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों के लिए कैबिनेट ने 990 नियमित पद बनाने और 615 लोगों को आउटसोर्सिंग पर नियुक्त करने का फैसला लिया। हर कॉलेज में 330 नियमित पद सृजित होंगे। इसके साथ ही दमोह जिले की झापन नाला मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 165 करोड़ रुपये भी मंजूर किए गए। इससे 17 गांवों के 3600 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी।
सागर-दमोह फोरलेन मार्ग के निर्माण में 13 अंडरपास, 3 बड़े पुल, 9 मध्यम पुल, एक रेल ओवर ब्रिज और कई जंक्शन बनाए जाएंगे। इसकी लागत का 60 प्रतिशत राज्य बजट से 15 साल तक किश्तों में दिया जाएगा। सागर के मसवासी ग्रांट औद्योगिक क्षेत्र के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज भी मंजूर हुआ। इससे 24 हज़ार करोड़ रुपये के निवेश और 29 हज़ार से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।


















