India Canada Uranium Deal: भारत ने हाल ही में कनाडा के साथ हुए यूरेनियम आपूर्ति समझौते को लेकर पाकिस्तान द्वारा लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि परमाणु अप्रसार के मामले में भारत की अंतरराष्ट्रीय साख साफ और विश्वसनीय है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा कि जिस देश का परमाणु प्रसार के मामले में रिकॉर्ड पहले से ही विवादों से भरा रहा है, उसके द्वारा इस तरह के आरोप लगाना हास्यास्पद है।
पाकिस्तान के आरोपों को बताया निराधार
रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा दिए गए बयान को भारत पूरी तरह खारिज करता है। उन्होंने कहा कि वैश्विक समुदाय अच्छी तरह जानता है कि परमाणु अप्रसार के मुद्दे पर भारत का रिकॉर्ड बेदाग रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि गुप्त परमाणु प्रसार के इतिहास वाले देश द्वारा ऐसे आरोप लगाना केवल अपने खराब रिकॉर्ड से ध्यान भटकाने की कोशिश है।
India Canada Uranium Deal
भारत और कनाडा के बीच हाल ही में लगभग 2.6 अरब डॉलर का यूरेनियम आपूर्ति समझौता हुआ है। इस समझौते के तहत कनाडा की कंपनी कैमेको 2027 से 2035 के बीच भारत को लगभग 2 करोड़ 20 लाख पाउंड यूरेनियम की आपूर्ति करेगी।
इस दीर्घकालिक समझौते का उद्देश्य भारत के नागरिक परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम को मजबूत करना और ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ाना है।
इस समझौते के बाद पाकिस्तान ने आरोप लगाया था कि इससे क्षेत्रीय सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। हालांकि भारत ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए स्पष्ट किया है कि यह समझौता केवल शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के लिए है।
अफगानिस्तान मुद्दे पर भी जवाब
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने पाकिस्तान द्वारा लगाए गए उस आरोप को भी खारिज किया जिसमें कहा गया था कि भारत अफगानिस्तान को पाकिस्तान के खिलाफ उकसा रहा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की आदत बन गई है कि वह अपनी समस्याओं और गतिविधियों के लिए भारत को दोष देता है।
रणधीर जायसवाल ने कहा कि दशकों से आतंकवाद को बढ़ावा देने के कारण सीमा पार आतंकवाद के मामलों में पाकिस्तान की विश्वसनीयता पहले ही कमजोर हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की कहानी गढ़ने से वास्तविकता नहीं बदलती और पाकिस्तान द्वारा खुद को पीड़ित बताने की कोशिश से अंतरराष्ट्रीय समुदाय भ्रमित नहीं होगा।
भारत ने स्पष्ट किया है कि कनाडा के साथ हुआ यूरेनियम समझौता ऊर्जा सुरक्षा और शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया है और इस पर लगाए गए आरोप निराधार हैं।


















