दिल्ली में शुक्रवार को आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट उस वक्त अचानक विवादों में घिर गई जब यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता हॉल नंबर पांच के अंदर शर्टलेस होकर घुस आए और पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारी अपने हाथों में सफेद टी-शर्ट थामे हुए थे जिन पर पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीरें छपी थीं और साथ ही एप्स्टीन फाइल्स तथा इंडिया-यूएस ट्रेड डील जैसे नारे लिखे हुए थे। देखते ही देखते पूरे समिट हॉल में अफरातफरी का माहौल बन गया।
दिल्ली पुलिस ने तत्काल हरकत में आते हुए करीब 10 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया और उन्हें तिलक मार्ग थाने ले जाया गया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इन लोगों को तुरंत वहां से हटाया गया और कानून-व्यवस्था भंग करने की किसी को भी अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस ने यह भी साफ किया कि इस मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने इस प्रदर्शन को पूरी तरह जायज ठहराया। उन्होंने कहा कि यह गुस्सा सिर्फ यूथ कांग्रेस का नहीं बल्कि देश के उन लाखों बेरोजगार युवाओं का है जो जानते हैं कि प्रधानमंत्री समझौता कर चुके हैं। उन्होंने अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील पर भी तीखा हमला बोला और कहा कि यह डील केवल अमेरिका के फायदे की है और इससे भारत के किसानों और आम लोगों को नुकसान होगा।
विपक्ष का आरोप, सरकार ध्यान भटकाने के लिए करती है आयोजन
चिब ने यह भी आरोप लगाया कि जब भी देश में बेरोजगारी जैसा कोई बड़ा संकट आता है तो सरकार उससे ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के बड़े-बड़े आयोजन करवाती है। उन्होंने नोटबंदी जी20 मेक इन इंडिया और अब एआई समिट का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी इवेंट के जरिए सरकार अपनी जिम्मेदारियों से नहीं भाग सकती। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस की कार्रवाई से यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता डरने वाले नहीं हैं।
इस पूरे मामले पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि एआई समिट जैसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व के कार्यक्रम में इस तरह का प्रदर्शन करके कांग्रेस ने देश को शर्मिंदा किया है। दोनों दलों के बीच इस मुद्दे पर जुबानी जंग जारी है।

















