कलेक्टर शिवम वर्मा ने आज कलेक्टर कार्यालय में आयोजित समय-सीमा (टीएल) बैठक में विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में विशेष रूप से सीएम हेल्पलाइन से जुड़े प्रकरणों और समय-सीमा के पत्रों के निराकरण की विभागवार समीक्षा की गई।
कलेक्टर वर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार आमजन से जुड़े सभी मामलों का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय-सीमा में किया जाए। बैठक में इंदौर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. परीक्षित झाड़े, अपर कलेक्टर नवजीवन विजय पवार, रिंकेश वैश्य, रोशन राय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

समीक्षा के दौरान कलेक्टर वर्मा ने स्पष्ट कहा कि लंबित प्रकरणों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने की प्रवृत्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन के अंतर्गत लंबित 5 मामलों को रेंडम रूप से लेकर उनके निराकरण की स्थिति की जानकारी ली। जांच के दौरान लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में राज्य शासन द्वारा चलाए जा रहे “संकल्प से समाधान” अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि शिविरों में प्राप्त आवेदनों का त्वरित और शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही आगामी ब्लॉक स्तरीय शिविरों में सभी एसडीएम और जिला स्तरीय अधिकारियों की अनिवार्य भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

कलेक्टर वर्मा ने सभी विभागों को अपने शासकीय भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली स्थापित करने के निर्देश दिए, ताकि जल संरक्षण को बढ़ावा मिल सके। इसके अलावा हाल ही में प्रारंभ किए गए विशेष राजस्व अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
उन्होंने निर्देशित किया कि विगत 28 फरवरी तक लंबित सभी राजस्व प्रकरणों का निराकरण 30 मार्च तक अनिवार्य रूप से किया जाए। यदि निर्धारित अवधि में प्रकरणों का निराकरण नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। साथ ही राजस्व वसूली के निर्धारित लक्ष्य को भी इस माह के अंत तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। बैठक में कलेक्टर वर्मा ने इंदौर में बेसमेंट में पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित कराये जाने के संबंध में लगातार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।


















