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Tuesday, October 13, 2026
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Shivraj Singh Chouhan: आदिवासी परिवारों के घर टूटने पर शिवराज नाराज, मुख्यमंत्री से करेंगे बात

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Shivraj Singh Chouhan: सीहोर जिले के कोसमी गांव में आदिवासी परिवारों के घरों और फसलों पर हुई कार्रवाई को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नाराजगी जताई। प्रभावित परिवारों से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि मामले को मुख्यमंत्री मोहन यादव के सामने उठाएंगे।

चौहान के मुताबिक, वन विभाग और जिला प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई में घरों के साथ फसलें भी प्रभावित हुईं और एक कुआं मिट्टी से भर गया। उन्होंने इसे गरीब परिवारों के साथ अन्याय बताया और प्रभावितों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया।

मुख्य सचिव से की बात, आवास का दिया भरोसा

कोसमी बुधनी विधानसभा क्षेत्र में है, जिसका प्रतिनिधित्व चौहान मुख्यमंत्री रहते हुए करते थे। यह गांव उनके विदिशा लोकसभा क्षेत्र में भी आता है। कार्रवाई की जानकारी मिलने पर वे गांव पहुंचे और प्रभावित परिवारों की स्थिति देखी।

चौहान के कार्यालय के बयान के अनुसार, उन्होंने घटनास्थल से मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल को फोन कर कार्रवाई पर आपत्ति जताई। उन्होंने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को भी फोन पर परिवारों के घर तोड़े जाने की जानकारी दी। कार्यालय ने कहा कि चौहान इस मामले पर मुख्यमंत्री से भी चर्चा करेंगे।

चौहान ने कहा कि जिन परिवारों के घर टूटे हैं, उनके लिए नए घर बनवाने की कोशिश की जाएगी। उनके कार्यालय के बयान के मुताबिक, स्थायी आवास की व्यवस्था होने तक प्रभावित परिवारों के रहने और भोजन का अस्थायी इंतजाम भी किया जाएगा। उन्होंने मौके पर वन विभाग या प्रशासन के किसी बड़े अधिकारी के मौजूद नहीं होने पर भी नाराजगी जताई।

चौहान ने कहा कि कार्रवाई से परिवारों के घरों के साथ उनकी आजीविका को भी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की, ताकि ऐसी स्थिति दोबारा न बने। इस रिपोर्ट में प्रशासन या वन विभाग का पक्ष शामिल नहीं है।

पहले भी कार्रवाई रोकने को कहा था

रिपोर्ट के मुताबिक, वन विभाग और जिला प्रशासन ने कुछ महीने पहले भी गांव में ऐसी कार्रवाई की कोशिश की थी। उस समय चौहान ने अधिकारियों से बात कर आदिवासी परिवारों के घर नहीं गिराने को कहा था। इसके बावजूद रविवार को कार्रवाई किए जाने का आरोप है।

इस मामले पर कांग्रेस ने भी सरकार को घेरा। मध्य प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया पर कार्रवाई का वीडियो साझा किया। उन्होंने इसे मोहन यादव और शिवराज चौहान के बीच खींचतान से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि इसकी कीमत गरीब परिवारों को चुकानी पड़ रही है। सिंघार ने कहा कि कोसमी के बरेला आदिवासी समुदाय के परिवारों के घर और फसलें प्रभावित हुई हैं।

सिंघार का यह राजनीतिक आरोप है। रिपोर्ट में मुख्यमंत्री या संबंधित विभाग की प्रतिक्रिया दर्ज नहीं है। चौहान ने कहा है कि वे प्रभावित परिवारों की स्थिति और अपनी आपत्ति मुख्यमंत्री के सामने रखेंगे।

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