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Thursday, January 15, 2026
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भागीरथपुरा जल त्रासदी पर कांग्रेस का मौन मार्च, पीड़ितों के लिए न्याय की मांग, सरकार पर साधा निशाना

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दूषित पेयजल से 21 मौतों, हजारों नागरिकों के बीमार होने, प्रशासनिक लापरवाही और भाजपा सरकार की संवेदनहीनता के विरोध में रविवार को इंदौर में कांग्रेस की न्याय यात्रा ऐतिहासिक जनसमर्थन के साथ निकाली गई। महिलाओं, युवाओं और आम नागरिकों की बड़ी भागीदारी ने यह साफ कर दिया कि इंदौर की जनता अब अन्याय, भ्रष्टाचार और मौतों की राजनीति को स्वीकार करने के मूड में नहीं है।

यह न्याय यात्रा भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर आयोजित की गई। मौन यात्रा बड़ा गणपति चौराहे से शुरू होकर राजवाड़ा तक पहुंची, जिसमें प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के कांग्रेस नेता, विधायक, संगठन पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।

“स्वच्छ शहर, लेकिन पीने का पानी जहरीला”

यात्रा के दौरान नेताओं ने सरकार और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि इंदौर को देश का सबसे स्वच्छ शहर बनाने पर जनता को गर्व था, लेकिन नगर निगम नागरिकों को साफ पेयजल तक उपलब्ध नहीं करा सका। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों से शहर में भाजपा की परिषद है, जनता ने लगातार समर्थन दिया, लेकिन बदले में उसे क्या मिला, यह आज की स्थिति से साफ है।

कांग्रेस का मौन मार्च

पटवारी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार केवल इवेंट मैनेजमेंट में व्यस्त रही। अब वाटर ऑडिट की बात की जा रही है, लेकिन पिछले 20 वर्षों में जल व्यवस्था को लेकर ठोस कदम क्यों नहीं उठाए गए। उन्होंने कहा कि जहरीली शराब से मौतों की खबरें तो सुनी थीं, लेकिन अब इंदौर में जहरीले पानी से लोगों की जान जा रही है, जो बेहद गंभीर और शर्मनाक है।

इस विशाल न्याय यात्रा में मध्यप्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, राष्ट्रीय सचिव एवं सह प्रभारी उषा नायडू, संजय दत्त, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, मीनाक्षी नटराजन, अजय राहुल सिंह, राज्य सभा सांसद अशोक सिंह, कमलेश्वर पटेल, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, जयवर्धन सिंह, फुल सिंह बर्रया, कांतिलाल भूरिया, विधायक हनी बघेल, एन पी प्रजापति, विधायक मोंटू सोलंकी, विजय लक्ष्मी साधो, प्रताप सिंह ग्रेवाल, विधायक पंकज उपाध्याय, सत्यनारायण पटेल, सचिन यादव, रवि जोशी, सेवादल प्रदेश अध्यक्ष अवनीश भार्गव, महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बोरासी सेतिया, युवा कांग्रेस अध्यक्ष यश घंगोरिया, निलय डागा, प्रतिभा रघुवंशी, राकेश पाटीदार, गजेंद्र सिसोदिया, प्रदेश प्रवक्ता अमित चौरसिया सहित विधायक दल बड़ी संख्या में वरिष्ठ नेता व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

यात्रा का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े एवं शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने किया। यात्रा का संचालन पार्षद राजू भदौरिया, लोकेश हार्डिया ने किया।

“शोक के बीच सत्ता पक्ष उत्सव में व्यस्त”

वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि एक तरफ पीड़ित परिवार शोक में डूबे हैं, वहीं दूसरी ओर सत्ता पक्ष के लोग आयोजन और भंडारों में लगे हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में संवेदनशीलता पूरी तरह खत्म हो चुकी है।

प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि एक इंसान को जीने के लिए साफ हवा और शुद्ध पानी की जरूरत होती है, लेकिन भाजपा सरकार इन बुनियादी आवश्यकताओं को भी पूरा करने में विफल रही है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सवाल उठाया कि जनता पानी का टैक्स देती है, फिर भी उसे जहरीला पानी क्यों दिया जा रहा है और अब तक किसी जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

तख्तियों के जरिए जताया गया आक्रोश

न्याय यात्रा के दौरान प्रदर्शनकारियों के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर सरकार और नगर निगम के खिलाफ तीखे नारे लिखे थे। तख्तियों पर लिखा था—

  • “कैलाश विजयवर्गीय इस्तीफा दो”
  • “महापौर पुष्यमित्र भार्गव इस्तीफा दो”
  • “नर्मदा के अमृत में मिलाया गया मानव मल-मूत्र का ज़हर”
  • “पानी मांगा था, ज़हर पिला दिया”
  • “1 लाख करोड़ का हिसाब दो”
  • “भाजपा सरकार एक गिलास साफ पानी भी नहीं दे सकी”
कांग्रेस का मौन मार्च

इस न्याय यात्रा में वरिष्ठ नेता अमन बजाज, राजेश चौकसे, गिरधर नागर, दीपू यादव, रघु परमार, राधेश्याम पटेल, प्रदेश प्रवक्ता अमित चौरसिया, मोती सिंह पटेल, अमित पटेल, रजत पटेल, सोनिला मीमरोट, रिटा डांगरे, अनवर दस्तक, राकेश सिलावट, मुकेश रामचंद्र यादव, ठाकुर जीतेन्द्र सिंह, राजेश शर्मा, अरविंद जोशी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे।

85 वार्डों से निकलीं वाहन रैलियां

कांग्रेस की यह न्याय यात्रा पूरी तरह मौन रखी गई। यात्रा मार्ग पर न तो स्वागत मंच लगाए गए और न ही कोई औपचारिक आयोजन किया गया। शहर के सभी 85 वार्डों से वाहन रैलियां निकालकर कार्यकर्ता यात्रा में शामिल हुए। इंदौर के अलावा आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता पहुंचे।

कांग्रेस की प्रमुख मांगें

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि दूषित पानी से 21 से अधिक मौतें और 1500 से ज्यादा लोगों का बीमार होना कोई प्राकृतिक दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रशासनिक और राजनीतिक लापरवाही का नतीजा है। पार्टी ने सरकार के सामने स्पष्ट मांगें रखीं—

  • दोषी अधिकारियों पर तत्काल आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए
  • मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और महापौर पुष्यमित्र भार्गव नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें
  • मृतकों के परिजनों को न्याय और उचित मुआवजा दिया जाए
  • मामले की स्वतंत्र न्यायिक जांच कराई जाए
  • प्रत्येक मृतक परिवार को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए
  • इंदौर को शुद्ध और सुरक्षित पेयजल की स्थायी गारंटी दी जाए

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह न्याय यात्रा केवल विरोध नहीं, बल्कि इंदौर की जनता की सामूहिक आवाज़ है—अब मौतों पर राजनीति नहीं, बल्कि जिम्मेदारी तय होगी।

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