Industrial Growth in MP: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार शाम होटल कोर्टयार्ड मैरियट, भोपाल में आयोजित “कैप्टन्स ऑफ इंडस्ट्री” कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कहा कि आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का सपना तभी साकार होगा जब सरकार और उद्योग जगत मिलकर एक दिशा में काम करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास की कहानी में उद्योगों की भूमिका सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की भी है।
मुख्यमंत्री सोमवार शाम होटल कोर्टयार्ड मैरियट, भोपाल में आयोजित “कैप्टन्स ऑफ इंडस्ट्री” कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए 52 प्रमुख उद्यमियों और उद्योगपतियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम का आयोजन नवदुनिया-नईदुनिया (दैनिक जागरण समूह) ने किया था, जो इस सम्मान समारोह का 13वां संस्करण था।
उद्योग हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की अर्थव्यवस्था ने एक नया आत्मविश्वास हासिल किया है। वर्ष 2014 के बाद से देश ने नीतिगत बदलावों के जरिए विकास के नए मानक तय किए हैं। उन्होंने कहा,
“प्रधानमंत्री मोदी ने जो दिशा दी है, उसी सोच के साथ हम मध्यप्रदेश को भी निवेश, नवाचार और रोजगार का हब बना रहे हैं।”
डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री की दूरदर्शी नीतियों ने जीएसटी को सरल, कर प्रणाली को पारदर्शी और टेक्नोलॉजी को सुलभ बनाया है। इससे उद्योग जगत को नई गति मिली है और उद्यमियों में भरोसा बढ़ा है।
“अब अव्यवस्था नहीं, व्यवस्था का युग है”
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते वर्षों में जो अव्यवस्था और जटिलताएँ उद्योग क्षेत्र के विकास में बाधा थीं, वे अब इतिहास बन चुकी हैं। आज मध्यप्रदेश निवेशकों के लिए ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि हर जिले में उद्योग और रोजगार का संतुलित विकास हो।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने उद्योगों को “कर्म आधारित कार्य संस्कृति” अपनाने के लिए प्रेरित किया है ताकि स्थानीय युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर मिल सकें। मुख्यमंत्री ने उद्यमियों से आह्वान किया कि वे सिर्फ व्यवसाय नहीं, बल्कि समाज निर्माण में भी सक्रिय भूमिका निभाएँ।
“भारत 2047 तक बनेगा विकसित राष्ट्र”
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विजन “विकसित भारत 2047” को साकार करने के लिए मध्यप्रदेश अपने हर क्षेत्र में नई नीतियाँ लागू कर रहा है। चाहे कृषि हो या उद्योग, टेक्नोलॉजी हो या शिक्षा — हर स्तर पर सरकार का उद्देश्य आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करना है।
कार्यक्रम में उद्योग, व्यापार, रियल एस्टेट और सेवा क्षेत्र से जुड़े शीर्ष प्रतिनिधि मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने सभी सम्मानित उद्यमियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी मेहनत और प्रतिबद्धता ने प्रदेश की आर्थिक पहचान को और मजबूत किया है।




















